बारह साल हो गए मोदीजी को प्रधानमंत्री बन कर। तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर नेहरूजी की बराबरी तो कर ही ली। विरोधियों की तो आदत ही है मोदीजी की हर उपलब्धि को नकारना,उसका उपहास करना। ऐसे नामाकूल हैं विरोधी कि मोदीजी की कोई उपलब्धि उनको दिखती ही नहीं। फिटेमुंहों को उनमें बस खोट ही खोट ही खोट नज़र आते हैं।
यही देखकर अंतत: इस साल के पहले दिन मैंने संकल्प लिया है कि इस साल इन मोदी विरोधी नालायकों को जरूर मुंहतोड़ जवाब दूंगा। खान मार्केट गैंगवालों , लिब्रांडुओं, वामपंथियों आंखे खोलकर देखो कि मोदीजी ने देश की पांच हजार साल पुरानी विरासत को किस तरह बचाकर रखने की विलक्षण उपलब्धि हासिल की है।चलिए शुरू कीजिए गिनती।
1) देश में आज भी सूरज पूरब में उगता है और पश्चिम में डूबता है। आसमान नीला और पेड़ हरे हैं। पांच हजार सालों में भी मोदीजी के कारण विदेशियों का विज्ञान इनका कुछ बिगाड़ नहीं पाया।
2 ) देश में आज भी तितलियां, पंछी आसमान में उड़ते हैं और मछलियां पानी में तैरती हैं। मेंढ़क टर्राते हैं राग दरबारी नहीं गाते।
3 ) तरबूज, खरबूज आज भी नदी किनारे रेत पर होते हैं। पेड़ों की शाखाओं पर नहीं लगते। कमल के फूल अब तालाबों के अलावा बीजेपी के झंड़ों पर भी होते हैं।
4) देश में आम, आम बनने से पहले कैरी होता है जिसका अचार डाला जाता है । उसके साथ खाने पर खिचड़ी बढ़िया लगती है।आम आज भी काटकर खाने के अलावा चूसकर भी खाया जाता है। आमरस के साथ पूड़ी खाई जाती है। खुद मोदीजी दोनों तरह से आम खाते हैं। इसीलिए सभी फलों में आम का रुतबा है और वह फलों का राजा कहलाता है। इस प्रकार मोदीजी ने आम की प्रतिष्ठा को पुर्नस्थापित किया है।
5) देश के पूरे 140 करोड़ लोग भी मोदीजी के साथ ही पांच हजार साल की परंपरा का निर्वाह करते हुए सांस में ऑक्सीजन लेते और कार्बनडाईऑक्साईड़ छोड़ते हैं। मोदीजी ने इस प्राचीन परंपरा को आज भी अक्षुण्ण रखा है।
6 ) खाने को अन्न नहीं होने के बावजूद देश में मनुष्यों को भूख लगने की क्रिया निर्बाध चल रही है। यह मोदीजी की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
7) पेड़ों के सूखे पत्ते आज भी जमीन पर ही गिरते हैं। ये सूखे पत्ते खाकर भूख मिटाने का कौशल नागरिकों में मोदीजी के काल में खूब विकसित हुआ है।
8) 140 करोड़ लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पीने लायक पानी बेचारे मोदीजी कहां से लाएं ? इसलिए नागरिकों ने मल-मूत्र मिला दूषित पानी पीकर भी जीवित रहने का कौशल विकसित कर लिया है। यह चमत्कार मोदीजी के कारण ही संभव हुआ है। मोदीजी को बदनाम करने के लिए कुछ खान मार्केट वाले मल-मूत्र मिला पानी पीकर प्राण दे देते हैं। वे सब देशद्रोही हैं।
9) मोदीजी की नीतियों के कारण ही हिमालय और देश के सभी पहाड़ आज भी वहीं खड़े हैं जहां पांच हजार साल पहले थे।
10) मोदीजी की सरकार की सख़्त नीतियों के कारण ही देश में आज भी सर्दी, गर्मी, बरसात के मौसम हैं।
11) मोदीजी के विदेशों में बज रहे डंके की आवाज सुनकर ही देश की नदियों का जल गर्व से भरकर आज भी ऊंचाई से नीचे की ओर बहता है।
12) मोदीजी की लाल-लाल आंखों के खौफ से केवल चीन ही नहीं कांपता बल्कि हिंद महासागर और अरब सागर भी कांपते हैं ।पिछले बारह साल में उनमें एक बार भी बाढ़ नहीं आई जो नेहरूजी के जमाने में हर साल आती थी।
13) चावल पकाकर और रोटी बेलकर बनाने और खाने की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत मोदीजी के कारण ही आज तक जीवित है।
14) आज भी आलू-प्याज जमीन के ऊपर नहीं उगते और कद्दू,लौकी,तोरई जमीन के नीचे नहीं उगते हैं। इसका श्रेय लोग प्रकृति को देते हैं जो गलत है।
इसका असली श्रेय मोदीजी को ही है वरना प्रकृति को नियम तोड़ने में भला देर लगती है।
15) यह तो बहुत अच्छा है कि देश की महिलाएं आज भी बच्चे पैदा कर रही हैं वरना देश में नाॅनबायोलाॅजिकल आबादी की भीड़ हो जाती।
मोदीजी देवतास्वरूप हैं जिनके देवत्व के प्रभाव से देश में बस एक ही नाॅनबायोलाॅजिकल है। बहुत सारे हो जाते तो……?
लेखक : श्रीकांत आप्टे
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