तहलका डेस्क
लेह/नई दिल्ली। लद्दाख के प्रमुख संगठन लेह एपेक्स बॉडी ने केंद्र सरकार से सीधे और निर्णय लेने वाले स्तर की बातचीत की मांग की है। संगठन का कहना है कि आगामी माह में प्रस्तावित उप-समिति की बैठक समाधान निकालने के लिए पर्याप्त नहीं है। यह मांग ऐसे समय में आई है जब केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah अगले सप्ताह लद्दाख के दौरे पर आ रहे हैं।इससे पहले उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने जानकारी दी थी कि Home Ministry ने लद्दाख के आंदोलनकारी समूहों के साथ राजनीतिक चर्चा के लिए 22 मई को बैठक बुलाई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि लद्दाख का मुद्दा पिछले पांच-छह वर्षों से लंबित है और अब इसका ठोस समाधान निकलना जरूरी है। वांगचुक ने लेह में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सचिव स्तर की बैठकों में निर्णय लेने का अधिकार नहीं होता है, जिससे समय खराब होने का डर बना रहता है।लद्दाख की लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) साल 2021 से अपनी चार प्रमुख मांगों को लेकर केंद्र के साथ चर्चा कर रहे हैं। इन मांगों में लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देना और Sixth Schedule of the Constitution के तहत सुरक्षा उपाय प्रदान करना शामिल है। नेताओं का तर्क है कि चूंकि गृह मंत्री खुद 30 अप्रैल को लद्दाख आ रहे हैं, इसलिए उन्हें एलएबी और केडीए के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता यहीं करनी चाहिए।
एलएबी के नेताओं का मानना है कि उप-समिति के स्तर पर अब चर्चा के लिए कोई नया मुद्दा शेष नहीं रह गया है। सभी विषयों पर पहले ही विस्तार से बात हो चुकी है और अब केवल सरकार के फैसले का इंतजार है। नेताओं ने कहा कि दिल्ली में हुई पिछली बैठकों के दौरान गृह मंत्री ने भरोसा दिया था कि वे खुद चर्चा की कमान संभालेंगे। ऐसे में लद्दाख में उनके दौरे के दौरान बैठक होना जनता का विश्वास बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। Sonam Wangchuk ने विश्वास बहाली के उपायों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मामलों को वापस लेना चाहिए ताकि लोगों में सकारात्मक संदेश जाए। वहीं, संगठन के सह-अध्यक्ष चेरिंग दोरजे ने साफ किया कि अगर सरकार मांगों पर कोई ठोस प्रस्ताव नहीं रखती, तो उप-समिति की बैठकों का कोई खास मतलब नहीं रह जाता। उन्होंने मांग की कि सरकार स्पष्ट करे कि वह राज्य का दर्जा देने या छठी अनुसूची पर क्या सोचती है।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 अप्रैल को दो दिवसीय दौरे पर लेह पहुंच रहे हैं। वे एक मई को Buddha Purnima के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे। लद्दाख के नेतृत्व को उम्मीद है कि इस दौरे के दौरान उनकी मांगों पर कोई सार्थक चर्चा होगी।
-------------------------------
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें। Pavitra India पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
Facebook | Twitter | Instragram | YouTube
-----------------------------------------------
. . .