नई दिल्ली: ईरान से कच्चा तेल लेकर भारत की ओर बढ़ रहा एक टैंकर अचानक होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने के बाद अपनी दिशा बदल बैठा। पहले इसका गंतव्य भारत का पश्चिमी तट माना जा रहा था, लेकिन अब यह जहाज चीन की ओर बढ़ता दिख रहा है। इस बदलाव ने तेल कारोबार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति दोनों में हलचल मचा दी है।
शिप ट्रैकिंग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, इस जहाज का नाम “पिंग शुन” है, जो एक अफ्रामैक्स टैंकर है। इसमें करीब 6 लाख बैरल कच्चा तेल भरा हुआ बताया जा रहा है। शुरुआत में संकेत मिले थे कि यह जहाज गुजरात के वडीनार बंदरगाह की ओर जा रहा है, लेकिन अब इसकी दिशा बदलकर चीन के डोंगयिंग की ओर बताई जा रही है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि समुद्र में जहाजों के गंतव्य बदलते रहते हैं, इसलिए अंतिम ठिकाना अभी भी साफ नहीं है।
इस घटनाक्रम की खास बात यह है कि अगर यह जहाज भारत पहुंचता, तो मई 2019 के बाद यह ईरान से भारत आने वाली पहली तेल खेप होती। दरअसल, अमेरिका के प्रतिबंधों के चलते भारत ने ईरानी तेल का आयात बंद कर दिया था। हाल ही में कुछ परिस्थितियों में सीमित छूट मिलने की चर्चा के बाद इस शिपमेंट की उम्मीद जगी थी।
हालांकि, भुगतान, बीमा और शिपिंग से जुड़ी जटिलताओं के कारण ऐसे सौदों में मुश्किलें आती रही हैं। यही वजह मानी जा रही है कि जहाज ने बीच रास्ते में अपना रुख बदल लिया। अभी तक यह भी साफ नहीं है कि इस तेल का असली खरीदार कौन है और अंतिम डिलीवरी कहां होगी।
भारत पहले ईरानी तेल का बड़ा ग्राहक रहा है। एक समय भारत के कुल तेल आयात में ईरान की हिस्सेदारी काफी अहम थी, लेकिन प्रतिबंधों के बाद यह पूरी तरह बंद हो गया।
समंदर के बीच जहाज का यह अचानक यू-टर्न सिर्फ एक तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि इसके पीछे बड़े आर्थिक और राजनीतिक कारण छिपे हो सकते हैं। अब नजर इस बात पर है कि यह जहाज आखिरकार किस देश तक पहुंचता है।
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