12 मई 2026,नई दिल्ली/सऊदी अरब: दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी “सऊदी अरामको” के CEO अमीन नासिर ने सोमवार को एक अर्निंग्स कॉल में कहा कि इस संकट के दौरान ग्लोबल एनर्जी मार्केट में तेल की सप्लाई में लगभग 1 अरब बैरल की कमी आई है, नासिर के मुताबिक, दुनिया हर हफ्ते लगभग 10 करोड़ बैरल तेल सप्लाई का नुकसान झेल रही है। उन्होंने इसे “दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा ऊर्जा आपूर्ति झटका” बताया।
उन्होंने कहा कि सिर्फ ईरान के द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के रास्ते खोल देने से समस्या खत्म नहीं होगी, क्योंकि बाज़ार पहले ही करीब 1 अरब बैरल तेल की कमी का असर झेल चुका होगा। कम वैश्विक भंडार और सालों से ऊर्जा क्षेत्र में कम निवेश ने इस तेल के संकट को और गंभीर बना दिया है।
अरामको द्वारा पहली तिमाही में अपने शुद्ध मुनाफ़े में 25% की बढ़ोतरी की रिपोर्ट देने के बाद, अमीन नासिर ने रॉयटर्स को दिए एक बयान में कहा, “हमारा मकसद सीधा है: एनर्जी की सप्लाई जारी रखना, भले ही सिस्टम पर कितना भी दबाव क्यों न हो।”
इस बीच अरामको ने अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का इस्तेमाल बढ़ा दिया है, जिससे तेल को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रे बिना लाल सागर तक पहुँचाया जा रहा है। यह पाइपलाइन फिलहाल अपनी अधिकतम क्षमता 70 लाख बैरल प्रतिदिन पर काम कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संकट लंबा खिंचता है, तो दुनियाभर में पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें, शिपिंग लागत और महँगाई पर बड़ा असर पड़ सकता है। भारत जैसे तेल आयातक देशों पर इसका दबाव और बढ़ सकता है।
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