المشاركات

रांची में भगवान बिरसा मुंडा के जीवन पर आधारित दस दिवसीय चित्रकला कार्यशाला का शुभारंभ | Pavitra India

https://ift.tt/uTS49Z7

18 मई 2026 ,रांची/ नई दिल्ली: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए), क्षेत्रीय केंद्र रांची एवं डॉ. रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान, रांची के संयुक्त तत्वावधान में भगवान बिरसा मुंडा के जीवन एवं संघर्ष पर आधारित दस दिवसीय चित्रकला कार्यशाला का उद्घाटन सोमवार को मोराबादी स्थित संस्थान के सभागार में किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन 18 से 27 मई तक किया जायेगा।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्थान के निदेशक श्री कर्मा जिम्पा भूटिया (आईएफएस) ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड की जनजातीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में पारंपरिक कला शैलियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। श्री भूटिया ने कहा कि चित्रकला के माध्यम से बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और समाज पर पडने वाले प्रभाव को बेहतर तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा, इससे समाज में सांस्कृतिक चेतना और ऐतिहासिक समझ को नई दिशा मिलेगी।

उपनिदेशक श्रीमती मोनिका रानी टूटी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि बिरसा मुंडा की विरासत को सोहराय, जादू पटिया और पैतकर जैसी पारंपरिक कला शैलियों के माध्यम से प्रस्तुत करने का यह प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण और विशिष्ट है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाएगी।

कार्यशाला का प्रस्तुतीकरण वरिष्ठ कलाकार एवं डीएसपीएमयू के प्रदर्शन एवं दृश्य कला विभाग के अतिथि संकाय सदस्य श्री सी.आर. हेम्ब्रम ने किया है।इस अवसर पर श्री हेम्ब्रम ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य पारंपरिक जनजातीय चित्रकला के माध्यम से बिरसा मुंडा के जीवन और विचारधारा को मूर्त रूप देना है।

आईजीएनसीए, रांची के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. कुमार संजय झा ने कहा कि यह कार्यशाला युवा पीढ़ी को बिरसा मुंडा के आदर्शों और उनके सामाजिक योगदान से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने कलाकारों से झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

श्री महादेव टोप्पो ने कलाकारों को बिरसा मुंडा के जीवन के प्रेरणादायक पक्षों को स्वतंत्र रूप से चित्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया तथा कार्यशाला को पारम्परिक कला रूपों के माध्यम से प्रतिभा अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण मंच बताया। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. कमल कुमार बोस ने भी कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ये चित्र समाज में प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेंगे। डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि यह कार्यशाला बिरसा मुंडा के आदर्शों एवं दृष्टि को नई पीढ़ियों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगी।
कार्यशाला में झारखंड की विभिन्न पारंपरिक चित्रकला शैलियों से जुड़े कलाकार भाग ले रहे हैं, जिनमें पैतकर, जादू पटिया, सोहराय एवं उरांव चित्रकला परंपरा के कलाकार शामिल हैं। ये कलाकार अपनी कला के माध्यम से बिरसा मुंडा के जीवन एवं संघर्ष के विभिन्न आयामों को चित्रित करेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कलाकारों, विद्यार्थियों, विद्वानों एवं संस्कृति प्रेमियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी।

-------------------------------

 ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें। Pavitra India पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें 

Facebook | Twitter | Instragram | YouTube

-----------------------------------------------

.  .  .

About the Author

Pavitra India (पवित्र इंडिया) Hindi News Samachar - Find all Hindi News and Samachar, News in Hindi, Hindi News Headlines and Daily Breaking Hindi News Today and Update From newspavitraindia.blogspit.com Pavitra India news is a Professional news Pla…
Cookie Consent
We serve cookies on this site to analyze traffic, remember your preferences, and optimize your experience.
Oops!
It seems there is something wrong with your internet connection. Please connect to the internet and start browsing again.
AdBlock Detected!
We have detected that you are using adblocking plugin in your browser.
The revenue we earn by the advertisements is used to manage this website, we request you to whitelist our website in your adblocking plugin.
Site is Blocked
Sorry! This site is not available in your country.