आनंद मोहन झा। विधाननगर
सपनों की दुनिया दिखाने वाले कई चमकदार वादों के पीछे एक अंधेरा सच भी छिपा होता है। कुछ लोग इसी सपने को अपना चारा बना लेते हैं। बंगाल के विधाननगर में सामने आया ताज़ा मामला इसी कड़वी सच्चाई की गवाही देता है। पुलिस के अनुसार एक युवती को फिल्म में हीरोइन बनाने और मोटी रकम दिलाने का लालच दिया गया। आरोप है कि फिर उससे जबरन अश्लील फिल्म बनवाई गई और बदनामी का डर दिखाकर उसे बरसों तक चुप रखा गया। इस मामले में पुलिस ने काकद्वीप के निवासी मिल्टन प्रमाणिक को गिरफ्तार कर लिया है।
शुक्रवार सुबह जादवपुर में साइबर क्राइम ब्रांच की दबिश
शुक्रवार सुबह विधाननगर साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने जादवपुर के एक किराए के मकान में छापेमारी की। वहां से मिल्टन प्रमाणिक को गिरफ्तार किया गया। आरोपी का मुख्य घर काकद्वीप में है, जबकि वह जादवपुर में किराए के मकान में रह रहा था।
हीरोइन बनाने के लालच से शुरू हुआ धोखे का सिलसिला
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने युवती को फिल्म में हीरोइन का काम दिलाने और मोटी रकम कमाने का प्रलोभन दिया। आरोप है कि इसके बाद उसे न्यूटाउन के एस्ट्रा टावर में बने एक फिल्म स्टूडियो में ले जाया गया, जहां उसे मुखौटा पहनाकर जबरन अश्लील फिल्म की शूटिंग के लिए मजबूर किया गया।
वीडियो वायरल की धमकी से बरसों तक जकड़ी रही युवती
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह सिलसिला वर्ष 2024 से चल रहा था। शिकायत के अनुसार शूटिंग के बाद युवती को धमकाया गया कि अगर उसने किसी को कुछ बताया, तो फिल्म को सामाजिक मंचों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैला दिया जाएगा। बदनामी के डर और सामाजिक दबाव ने युवती के होंठ सिल दिए। यही चुप्पी आरोपी की सबसे बड़ी ताकत बन गई।
2026 में टूटी चुप्पी की दीवार
आरोप है कि वर्ष 2026 में युवती के वीडियो और तस्वीरें अलग-अलग अश्लील वेबसाइटों पर डाल दी गईं। जिस बदनामी के डर से वह बरसों खामोश रही, वह अब सामने खड़ी थी। सामाजिक प्रतिष्ठा और मान-सम्मान पर पड़े असर के बाद उसने हिम्मत जुटाई और इसी वर्ष अगस्त में विधाननगर साइबर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई।
स्टूडियो पर छापा, सारे उपकरण पुलिस की हिरासत में
शुक्रवार सुबह जांच अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए स्टूडियो का पूरा सामान ज़ब्त कर लिया और आरोपी मिल्टन प्रमाणिक को गिरफ्तार किया।
अदालत में पेशी, पुलिस ने मांगी कस्टडी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विधाननगर की अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने पूछताछ के लिए उसे अपनी कस्टडी में देने का आवेदन दिया है। पुलिस का मानना है कि यह अकेले एक युवती का मामला नहीं हो सकता। आशंका है कि इस गिरोह के शिकार और भी लड़कियां हो सकती हैं, जो बदनामी के डर से अब तक सामने नहीं आई हैं।
यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है। फिल्म और मॉडलिंग के नाम पर ठगी और शोषण का यह जाल कितना फैला हुआ है? इंटरनेट पर अश्लील सामग्री अपलोड करने वाली साइटें ऐसी सामग्री की सहमति की जांच क्यों नहीं करतीं? और सबसे अहम, कितनी पीड़िताएं आज भी डर और शर्म की वजह से चुप हैं?
फिलहाल जांच जारी है,पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई है और पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस रैकेट की और परतें खुलेंगी।
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